Tuesday, August 16, 2022

खुदा भी जब तुम्हें देखता होगा Lyrics और Review | Mohit Chauhan

आज हम बात करेंगे Ek Paheli – Leela Movie के सुपरहिट सांग Khuda Bhi Jab Tumhe Lyrics & Review के बारे में।
ख़ुदा भी जब तुम्हे देखता होगा गीत को मोहित चौहान ने अपनी सुरीली आवाज में गाया है। गाने के बोल (Lyrics) की बात करें तो इस गाने के बोल भारतीय मशहूर Lyricist मनोज मुंतशिर Manoj Muntashir जी ने लिखे हैं।
Khuda Bhi Song में Music मशहूर गायक और संगीतकार Tony Kakkar ने Compose किये हैं। 
आइये इस सांग के रिव्यु को पढ़ते हैं।
Khuda-bhi-mohit-chauhan-lyrics
Khuda Bhi Lyrics

Khuda Bhi Jab Tumhe Review

यह एक Romantic Love Song हैं। इस गीत में मोहित चौहान की मखमली आवाज एक अलग ही जादू बिखेरती हैं।
इस Song को लिखने में मनोज जी ने बहुत ही अच्छे तरीके से शब्दों को पिरोया हैं। Tu be-misaal hai teri kya misaal doon Lyrics इन शब्दों से अपने प्यार को ज़ाहिर कर अपने प्यार का एहसास दिलाता हैं।
Video Song की बात करे तो इसमे दिखाया जाता हैं कि एक विदेशी अदाकारा भारत कुछ गाने की शूटिंग के लिए राजस्थान के जमींदार के यहां शूटिंग करते हैं। जिसमे यह Song Background में बजता हैं।
गाने की मिजाज की बात करे यह प्यार भरा गीत अपने प्रेमिका की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आइये पढ़ते हैं इस खुदा भी जब तुम्हे देखता होगा लिरिक्स को

Khuda Bhi Jab Tumhe Lyrics

Song Details:
Song: Khuda Bhi Jab Tumhe
Singer Mohit Chauhan
Music Tony Kakkar
Lyrics: Manoj Muntashir
Release:                16 April 2015
Movie Ek Paheli - Leela
Label: T-Series

खुदा भी जब तुम्हे देखता होगा लिरिक्स

खुदा भी जब तुम्हे
मेरे पास देखता होगा
खुदा भी जब तुम्हे
मेरे पास देखता होगा
इतनी अनमोल चीज
दे दी कैसे सोचता होगा

तू बेमिसाल हैं
तेरी क्या मिसाल दूँ
आसमां से आयी हैं
यही कह के टाल दूँ
फिर भी कोई जो पूछे
क्या हैं तू कैसी हैं
हाथो मैं रंग लेके
हवा मैं उछल दूँ
हवा मैं उछल दूँ

खुदा भी जब तुम्हे
मेरे पास देखता होगा
इतनी अनमोल चीज
दे दी कैसे सोचता होगा

जो भी ज़मीन तेरे पाँव तले आये
कदमो से छुके वो आसमां हो जाये
तेरे आगे फिके फिके सारे सिंगार हैं
मैं तो क्या फ़रिश्ते भी
 तुझ पे निसार हैं
गर्मी की शाम हैं जाड़ो की धूप हैं
जितने भी मौसम हैं
तेरे कर्ज़दार हैं
तेरे कर्ज़दार हैं

खुदा भी जब तेरे
अंदाज़ देखता होगा
इतनी अनमोल चीज
दे दी कैसे सोचता होगा

चेहरा है या जादू
रूप हैं या ख्वाब हैं
आँखे हैं या अफसाना
जिस्म या किताब हैं
आजा तुझे मैं पढ़ लूँ
दिल में उतार लूँ
होठो से मैं तुझे
आँखों से पुकार लूँ
ख्वाहिशे यह कहती हैं
कहती रहती हैं
लेके तुझे बाहों में
शामे गुज़र दूँ
शामे गुज़र दूँ

खुदा भी अब तुझे
दिन रात ढूँढ्ता होगा
इतनी अनमोल चीज
दे दी कैसे सोचता होगा


कुछ फ़िल्म के बारे में:

इस फ़िल्म के कहानी की बात करे तो यह एक दिलचस्प भरी कहानी हैं। फिल्म एक पुनर्जन्म की कहानी हैं। फिल्म की कहानी 300 साल पहले की है। लीला और उसके प्रेमी की हत्या कर दी जाती है। फिल्म में दर्शाया गया है कि कैसे लीला की अधूरी कहानी पूरी होती जब वे आज के समय में वापस जन्म लेते हैं

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